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हैदराबाद में आयोजित प्रदर्शनी में दिवंगत कलाकार रुमाले चेनबासवियाह के कार्यों को सम्मानित किया गया

हैदराबाद, 27 अप्रैल: सलेर जंग संग्रहालय के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘वर्ण मैत्री’ प्रदर्शनी में प्रसिद्ध कलाकार रुमाले चेनबासवियाह के 80 प्रमुख कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी उनकी कला और विरासत को श्रद्धांजलि देते हुए उनके अद्भुत योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।

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रुमाले चेनबासवियाह को उनके जीवनकाल में ही कला जगत में विशेष स्थान प्राप्त था, और उनकी रचनाएँ आज भी कला प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस प्रदर्शनी में उनके चित्रों, मूर्तियों और अन्य कलाकृतियों को बड़े विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जो उनकी कला की विविधता और गहराई को दर्शाती हैं।

सलेर जंग संग्रहालय के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मकसद न सिर्फ उनकी कला का प्रदर्शन करना है, बल्कि नई पीढ़ी को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, “रुमाले चेनबासवियाह की कलाकृतियाँ हमें उनकी संवेदनशीलता और रचनात्मकता की गहराई से अवगत कराती हैं।”

इस प्रदर्शनी का आयोजन करने वाले कला समीक्षक एवं इतिहासकार डॉ. सीमा वर्मा ने बताया कि संग्रहालय के 75वें वर्ष में उनके कार्यों को प्रदर्शित करना एक सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, “रुमाले जी की कला में स्थानीय संस्कृति और आधुनिकता का संतुलन साफ देखा जा सकता है जो उन्हें समकालीन कलाकारों से अलग बनाता है।”

वर्ण मैत्री प्रदर्शनी में सरल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जिससे सभी वर्ग के दर्शक उनकी कला को बेहतर समझ सकें। संग्रहालय में आने वाले स्थानीय और विदेशी पर्यटक दोनों इस प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।

प्रदर्शनी 15 मई तक चलेगी और इसके दौरान कई संगोष्ठियों और कलाकार वार्ताओं का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें रुमाले चेनबासवियाह की कला के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। संग्रहालय प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस प्रदर्शनी से निकलने वाले संदेश से कला और संस्कृति के प्रति लोगों का मिजाज और जागरूकता बढ़ेगी।

आधुनिक कला के क्षेत्र में रुमाले चेनबासवियाह का यह सम्मान न केवल उनके परिवार और अनुयायियों के लिए बल्कि पूरे सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए गर्व की बात है। प्रदर्शनी का आगमन एक प्रेरणादायक अनुभव के रूप में देखा जा रहा है जो स्थानीय कला प्रेमियों को भी अपनी विरासत की पहचान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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Ankur Ramaul

Ankur Ramaul is the Founder of DigiWorld India and the editorial lead at DW24 News, a digital news platform covering national and international stories across politics, business, sports, education, health, and entertainment. He is committed to accurate, unbiased and reader-friendly journalism. For news tips, press releases or collaborations, reach him through the DW24 News Contact page.

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