व्यापार

पेटीएम ने आरबीआई द्वारा पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद Payments Bank से दूरी बनाई

नई दिल्ली, भारत

Advertisements

पेटीएम ने आरबीआई द्वारा पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद स्पष्ट किया है कि पीपीबीएल (Payments Bank) पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से संचालित होता है और इसमें पेटीएम के बोर्ड या प्रबंधन की कोई भागीदारी नहीं है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए यह जानकारी दी ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर किया जा सके।

पेटीएम के बयान में कहा गया, ‘पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से संचालित होता है, जिसमें पेटीएम के बोर्ड या प्रबंधन का कोई involvement नहीं है।’ इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि पेटीएम इस मामले में सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है, जो कि Payments Bank की एक संस्था है। बैंकिंग नियामक के इस फैसले के बाद पीपीबीएल को अपने वित्तीय संचालन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई का यह कदम वित्तीय संस्थाओं के नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, पेटीएम का यह बयान निवेशकों और ग्राहकों को आश्वस्त करने की एक कोशिश भी मानी जा रही है कि उनका नाता इस मामले से सीमित है।

पेटीएम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘हम हमेशा ही अपने ग्राहकों की सुरक्षा और विश्वास को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए हमने स्पष्ट किया है कि पीपीबीएल का संचालन हमारे नियंत्रण से बाहर है।’ यह बयान व्यापार जगत में सामने आई अफवाहों और अनिश्चितताओं को खत्म करने के उद्देश्य से जारी किया गया।

इस बीच, वित्तीय से जुड़े विश्लेषक यह भी बताते हैं कि पेटीएम जैसे बड़े प्लेयर का इस तरह की स्थिति में स्पष्टता देना जरूरी होता है जिससे बाजार में स्थिरता बनी रहे।

याद रहे कि पेटीएम भारत की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान कंपनियों में से एक है, और इसका कारोबार भुगतान, बैंकिंग, व अन्य वित्तीय सेवाओं तक फैला हुआ है। पीपीबीएल से अलगाव की इस पुष्टि से कंपनी की मुख्य सेवाओं में कोई प्रभाव नहीं पड़ने की उम्मीद है।

आरबीआई द्वारा जारी किए गए नवीनतम निर्देशों और बाजार की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए, पेटीएम भविष्य में भी अपने व्यावसायिक मॉडल और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

Source

Related Articles

Back to top button