तेल की कीमतों में उछाल और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार तीन दिन से धड़ाम, सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट

मुंबई, महाराष्ट्र: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 999.79 अंक यानी लगभग 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,664.21 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 1,260.13 अंकों की तेजी से गिरावट दर्ज की थी और 76,403.87 के स्तर तक पहुंच गया था।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से बढ़ती हुई कच्चे तेल की कीमतों और आईटी सेक्टर में व्यापक बिकवाली के कारण हुई। तेल के दामों में तेजी से एनर्जी सेक्टर प्रभावित हुआ, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार के समग्र स्वरूप को मंदा कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में भी डॉलर मजबूत होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख के कारण भारतीय शेयर बाजार दबाव में हैं। विदेशी निवेशकों ने बाजार से कुछ बाहर निकासी की है, जिससे भी भारतीय बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
इसके अलावा, निवेशकों ने आर्थिक सुधारों के बावजूद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति की चिंताओं को लेकर सतर्कता बरती। वित्तीय वर्ष के अंत तक बाजार में और उतार-चढ़ाव की संभावना विशेषज्ञों ने व्यक्त की है।
मेटल, बैंकिंग, और निर्माण क्षेत्रों के शेयरों में भी नकारात्मक रुझान बना रहा, जिससे संपूर्ण बाजार की स्थिति नकारात्मक रही। वहीं, उपभोक्ता वस्तुएं और फार्मा सेक्टर में मामूली सुधार देखने को मिला।
निवेशक सलाहकारों ने सुझाव दिया है कि बाजार की वर्तमान स्थिति में सतर्कता बरतनी आवश्यक है और दीर्घकालिक निवेश को ध्यान में रखते हुए फंड मैनेजमेंट करना चाहिए। वे अस्थिर अवधि में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचने की सलाह देते हैं।
कुल मिलाकर, बढ़ती तेल की कीमतों और आईटी सेक्टर की बिकवाली ने बाजार की लगातार तीसरे दिन गिरावट को गति दी है। आगामी दिनों में आर्थिक संकेतकों और राजनीतिक स्थिरता से संबंधित खबरों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।





