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जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनी निःशुल्क फिजियोथेरेपी सेवा, सैकड़ों लोगों को मिला नया जीवन

फरीदाबाद में डॉ. साजिद सैफी पिछले साढ़े तीन वर्षों से गुरुद्वारा साहिब सेक्टर-55 में जरूरतमंद लोगों को दे रहे हैं पूरी तरह निःशुल्क फिजियोथेरेपी सेवाएं

फरीदाबाद: किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वहां स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी आसानी से पहुंच रही हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो आर्थिक तंगी के कारण आवश्यक उपचार नहीं करा पाते। ऐसे समय में कुछ लोग अपने पेशे को केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का दायित्व मानते हैं। फरीदाबाद में चल रही एक निःशुल्क फिजियोथेरेपी पहल इसी सोच का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

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फ्लेक्सिबिलिटी फ्यूजन फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के संस्थापक डॉ. साजिद सैफी पिछले साढ़े तीन वर्षों से गुरुद्वारा साहिब, सेक्टर-55, फरीदाबाद में जरूरतमंद लोगों को पूरी तरह निःशुल्क फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इस सामाजिक अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाएं (Rehabilitation Services) पहुंचाना है जो आर्थिक कारणों से नियमित इलाज नहीं करा पाते।

लगातार संचालित इस सेवा के माध्यम से अब तक 500 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की कहानी है जिनके सदस्य लंबे समय तक दर्द, चलने-फिरने में कठिनाई और शारीरिक समस्याओं से जूझने के बाद सामान्य जीवन की ओर लौट पाए।

आज के समय में फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने की चिकित्सा पद्धति नहीं रह गई है। यह शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने, जोड़ों की गतिशीलता सुधारने और व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। सही समय पर विशेषज्ञ की देखरेख में की गई फिजियोथेरेपी कई मामलों में लंबे समय तक दवाइयों पर निर्भरता को भी कम करने में सहायक साबित होती है।

इस निःशुल्क सेवा का सबसे अधिक लाभ वरिष्ठ नागरिकों, दिहाड़ी मजदूरों, फैक्ट्री कर्मचारियों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिला है। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। यदि वे बीमारी के कारण काम पर नहीं जा पाते, तो उनके पूरे परिवार की आय प्रभावित होती है। ऐसे लोगों के लिए यह सेवा किसी राहत से कम नहीं है।

कार्यक्रम के अंतर्गत कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों की तकलीफ, गठिया, फ्रोजन शोल्डर, नसों से जुड़ी समस्याएं, लकवे के बाद पुनर्वास, खेल संबंधी चोटों और ऑपरेशन के बाद रिकवरी जैसी अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जाता है। प्रत्येक मरीज की शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद उसके लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है ताकि बेहतर और स्थायी परिणाम मिल सकें।

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता है। जहां अधिकांश स्वास्थ्य शिविर एक या दो दिन तक सीमित रहते हैं, वहीं यह सेवा पिछले साढ़े तीन वर्षों से नियमित रूप से संचालित हो रही है। इससे मरीजों को बीच में उपचार छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे अपना पूरा पुनर्वास कार्यक्रम पूरा कर पाते हैं।

इस सामाजिक अभियान को सफल बनाने में गुरुद्वारा साहिब, सेक्टर-55 की प्रबंधन समिति का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। समिति ने समाज सेवा की भावना के साथ इस स्वास्थ्य अभियान को निरंतर संचालित करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया है। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा इस प्रकार की जनहितकारी पहलें यह साबित करती हैं कि सामुदायिक सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आज बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक उपयोग तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र में भी मांसपेशियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेना और नियमित व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। सही समय पर शुरू किया गया फिजियोथेरेपी उपचार कई गंभीर समस्याओं को बढ़ने से रोक सकता है।

डॉ. साजिद सैफी का यह प्रयास केवल इलाज तक सीमित नहीं है। वे मरीजों को सही शारीरिक मुद्रा, नियमित व्यायाम, दर्द से बचाव के उपाय और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी जागरूक करते हैं। उनका मानना है कि यदि लोग अपने शरीर की आवश्यकताओं को समझें और समय रहते उचित देखभाल करें, तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

500 से अधिक सफल उपचारों की उपलब्धि यह दर्शाती है कि समर्पण, विशेषज्ञता और सेवा भावना के साथ किया गया कार्य समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकता है। यह पहल उन सभी स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए भी प्रेरणा है जो अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए करना चाहते हैं।

फरीदाबाद में चल रही यह निःशुल्क फिजियोथेरेपी सेवा आज केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनशीलता और मानवता का प्रतीक बन चुकी है। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार के सामुदायिक स्वास्थ्य मॉडल देश के अन्य क्षेत्रों में भी विकसित किए जाएं, तो हजारों जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सकता है।

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