भारतीय कर्मचारी करियर उन्नति से अधिक चाहते हैं कम तनाव और लचीले रोजगार: Indeed रिपोर्ट

नई दिल्ली। Indeed द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारतीय कर्मचारी अब अपने करियर में तेजी से उन्नति पाने से अधिक काम के दौरान कम तनाव और लचीलेपन को महत्व दे रहे हैं। यह बदलाव खासतौर पर युवा पीढ़ी के बीच देखने को मिला है, जिन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करते हुए बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को अहम माना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में काम के माहौल में बदलाव के चलते कर्मचारी अपनी मानसिक सेहत और व्यक्तिगत जीवन की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने लगे हैं। भारत में 61 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि वे ऐसे रोजगारों को प्राथमिकता देंगे जहां नौकरी के घंटे लचीले हों और तनाव कम हो। इसी के साथ 54 प्रतिशत ने कहा कि वे ऐसी नौकरियों को अपनाएंगे, जिनमें उन्हें अपने परिवार के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
Indeed के सर्वे में शामिल लगभग 75 प्रतिशत युवा कर्मचारियों ने कहा कि वे करियर उन्नति के मुकाबले प्रेरणादायक और तनावमुक्त कार्यस्थल को ज्यादा तरजीह देंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बदलाव के पीछे कोविड-19 महामारी के बाद से घर से काम करने की प्रवृत्ति में वृद्धि भी एक महत्वपूर्ण कारक है। कर्मचारियों ने महसूस किया कि वे बेहतर काम कर सकते हैं जब वे अधिक नियंत्रण और लचीलापन प्राप्त करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां भी इस बदलाव को समझ रही हैं और नई कार्य नीतियों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फ्लेक्सी आवर्स, और वर्क फ्रॉम होम विकल्प जैसे कार्यक्रम लागू कर कार्यस्थल को कर्मचारी हितैषी बना रही हैं। यह पहल न केवल कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ा रही है बल्कि कंपनी की उत्पादकता पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
भारत में उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति आगे चलकर और अधिक मजबूती से उभरेगी। युवा पीढ़ी का ध्यान केवल वेतन और पदोन्नति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वे ऐसे माहौल की तलाश में हैं जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझे। इसलिए, नियोक्ताओं के लिए आवश्यक होगा कि वे अपनी नीतियों को बदलें और लचीले, तनावमुक्त कार्य स्थलों को बढ़ावा दें।
अंततः, Indeed की यह रिपोर्ट भारतीय कार्यक्षेत्र में एक नया दौर लेकर आई है, जहां कर्मचारी अपनी भलाई और संतुलन को प्रमुखता देने लगे हैं। इस बदलाव से कामकाजी माहौल में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जो देश की आर्थिक प्रगति के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।



