Health

मेडिकल लापरवाही के दावे दिवंगत डॉक्टर के वारिसों के खिलाफ किए जा सकते हैं: सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली: भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि मेडिकल लापरवाही (मेडिकल नेग्लिजेंस) के मामले में दिवंगत डॉक्टर के वारिसों के खिलाफ दावा किया जा सकता है। हालांकि, वारिस व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे, लेकिन घायल पक्ष को मुआवजा दिवंगत डॉक्टर की सम्पत्ति से दिया जा सकता है।

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इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने स्पष्ट किया कि जब कोई डॉक्टर अपनी चिकित्सा जिम्मेदारियों को निभाने में चूक करता है और उसके परिणामस्वरूप मरीज को नुकसान पहुंचता है, तो ऐसे मामले में मुआवजे का अधिकार शरीरिक या कानूनी रूप से मरने के पश्चात भी राहत पाने वाले के परिवार को मिलता है।

निर्णय के अनुसार, मेडिकल लापरवाही के लिए वारिस व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी नहीं होंगे, अर्थात वे अदालत में व्यक्तिगत रूप से मुआवजे के लिए दायित्व स्वीकार नहीं करेंगे। इसके स्थान पर, दिवंगत डॉक्टर की संपत्ति से मुआवजे की राशि मरीज या उसके परिवार को दी जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे दावे न्यायसंगत तरीके से पूरे हों और पीड़ित को उचित राहत प्राप्त हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही की भावना को बढ़ावा देगा और चिकित्सकों तथा मरीजों के बीच न्याय सुनिश्चित करने में मदद करेगा। साथ ही, यह निर्णय डॉक्टरों की मृत्यु के बाद भी उनके द्वारा किए गए कृत्यों के लिए उचित जिम्मेदारी तय करता है।

इससे पहले कई बार कानूनी विवाद इस बात को लेकर उठते रहे हैं कि जब डॉक्टर की मृत्यु हो जाती है तो क्या उसके वारिसों को चिकित्सा लापरवाही के दावों का सामना करना पड़ेगा। अब सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले ने इस मुद्दे को स्पष्ट कर दिया है।

यह आदेश मेडिकल क्षेत्र में मुआवजा दावों के प्रभावी समाधान के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। यह फैसला न्यायपालिका की पीड़ा को कम करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है।

अन्त में, विशेषज्ञों ने इस निर्णय को सराहनीय बताया है और कहा है कि यह चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता और जवाबदेही की स्थापना में सहायक होगा। साथ ही, मरीजों को भी अपनी हक़ों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करेगा।

इस प्रकार, सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़े मामलों में एक स्पष्ट और संतुलित मार्गदर्शन प्रदान करता है, जो चिकित्सकीय और न्यायिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

Source

Ankur Ramaul

Ankur Ramaul is the Founder of DigiWorld India and the editorial lead at DW24 News, a digital news platform covering national and international stories across politics, business, sports, education, health, and entertainment. He is committed to accurate, unbiased and reader-friendly journalism. For news tips, press releases or collaborations, reach him through the DW24 News Contact page.

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