2024 में भारत-यूएई और भारत-अमेरिका शीर्ष 10 प्रवासन मार्गों में शामिल: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लगभग 32 लाख भारतीय प्रवासी अमेरिका में रह रहे हैं, जो मेक्सिकों के बाद दूसरी सबसे बड़ी विदेशी-निवास समूह है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि भारतीय प्रवासियों की संख्या अमेरिका सहित कई देशों में तेजी से बढ़ रही है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत-यूएई और भारत-अमेरिका के बीच प्रवासन मार्ग विश्व के शीर्ष दस प्रवासन मार्गों में शामिल हैं। यह प्रवासन न केवल रोजगार के उद्देश्यों से हो रहा है, बल्कि शिक्षा, व्यापार और परिवार पुनर्मिलन जैसे अन्य कारणों से भी प्रेरित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी रोजगार बाजार में प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भारतीय प्रवासियों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही, यूएई में भी भारतीय प्रवासी श्रमशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है, खासकर निर्माण और सेवा क्षेत्र में।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवासन विभाग के डाटा के अनुसार, भारतीय प्रवासियों की आर्थिक और सामाजिक भूमिका वैश्विक स्तर पर लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इससे न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को लाभ होता है, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदायों का जीवन भी समृद्ध होता है।
विश्लेषकों का यह भी मानना है कि प्रवासी भारतीयों की संख्या में वृद्धि के चलते दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंध और मजबूत होंगे। भारत सरकार विभिन्न योजना और नीतियों के माध्यम से प्रवासियों के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि 2024 में भारतीय प्रवास का रुझान महत्वपूर्ण रहिप्रत्याशित है, जो भारत-विदेशों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद करेगा।



