LIFESTYLE

चेन्नई में अन्वया: प्रदर्शनी में भारतीय शिल्प परंपराएं जीवन के हर पहलू में

चेन्नई से रिपोर्ट: अमेथिस्ट गैलरी में आयोजित “आभर्णम” की प्रदर्शनी ने भारतीय शिल्प कला को आधुनिक घरेलू उपयोग की वस्तुओं में पिरोया है। इस प्रदर्शनी में 18 कुशल कारीगरों ने heritage टेक्सटाइल्स, किचनवेयर एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं के माध्यम से शिल्प की पुरानी परंपराओं को contemporary homes के लिए जीवंत किया है।

आभर्णम प्रदर्शन का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय शिल्प को नई तकनीकों और आधुनिक डिजाइनों के साथ ऐसे मिश्रित रूप में प्रस्तुत करना है, जिससे ये वस्तुएं न केवल देखने में सुंदर हों बल्कि दैनिक जीवन में भी उपयोगी साबित हों। प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए उत्पादों में हाथ से बुने हुए कपड़े, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के बर्तन, और अन्य functional objects शामिल हैं, जो हर घर की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ी एक मजबूत अनुभूति भी प्रदान करते हैं।

18 कारीगर जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए हुए शिल्पकार शामिल हैं, ने अपनी-अपनी विशेषज्ञता से प्रदर्शनी को समृद्ध बनाया है। इनमें से कई कारीगर उन कला शैलियों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जो आज लगभग लुप्त हो चुकी थीं। प्रदर्शनी के आयोजकों ने बताया कि इस तरह के प्रयासों से न केवल शिल्प के संरक्षण को बल मिलता है बल्कि युवा पीढ़ी भी इन सांस्कृतिक विरासतों से जुड़ पाती है।

अमेथिस्ट गैलरी की जगह और सुरक्षित वातावरण के कारण दर्शकों ने इस प्रदर्शनी को काफी सराहा है। शहरी जीवन में शिल्प परंपराओं का समावेश यहां सहजता से दिखाई देता है। प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न interactive sessions और कारीगरों के सीधे संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनसे आगंतुकों को शिल्प निर्माण प्रक्रिया के बारे में गहरा ज्ञान प्राप्त हुआ।

प्रदर्शनी के संपन्न होने के बाद आयोजकों ने कहा कि वे भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिनसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिले और युवा पीढ़ी में उनकी रुचि बढे। इस प्रकार की पहलें देश के शिल्प व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

इस प्रदर्शनी का आयोजन भारतीय शिल्प कला के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आज के दौर में परंपराओं और आधुनिकता के बीच एक सुंदर सेतु का काम कर रहा है।

Source

Related Articles

Back to top button