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पब्लिक मूत्रत्याग को रोकने के लिए मैसूर ने अपनाया दर्पण चाल

मैसूरु, 27 अप्रैल: सार्वजनिक स्थानों पर असभ्य व्यवहार जैसे सार्वजनिक मूत्रत्याग को रोकने के लिए मैसूर नगर निगम ने एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है। नगरपालिका ने शहर के विभिन्न स्थलों पर शीशों (मिरर्स) की व्यवस्था की है ताकि लोगों को उनकी हरकतों का एहसास हो सके और वे इस दुर्व्यवहार से बचें।

हाल के वर्षों में शहर में सार्वजनिक मूत्रत्याग की समस्या काफी बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मशक्कत की जा रही है और इसी क्रम में नई पहल का गठन हुआ है।

मैसूर नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा, “हमने पाया कि लोग अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर मूत्रत्याग करते समय अपराधबोध महसूस नहीं करते हैं। इसलिए, हमने ऐसे स्थानों पर मिरर लगाने का फैसला किया ताकि उन्हें अपनी हरकत का स्पष्ट आभास हो सके। यह एक प्रकार से जागरूकता बढ़ाने का तरीका है।”

नगर निगम ने इन मिररों को मुख्य रूप से व्यस्त बाजार, बस स्टैंड, पार्क और कॉलेजों के आसपास लगाया है जहां सार्वजनिक मूत्रत्याग की घटनाएं अधिक देखने को मिली हैं। अधिकारी यह उम्मीद कर रहे हैं कि यह पहल लोगों के मानसिकता में बदलाव लाएगी और वे सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने में अधिक सावधानी बरतेंगे।

स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक अच्छी सोच है और इससे शहर की स्वच्छता में सुधार होगा। लेकिन कुछ ने यह सुझाव भी दिया कि सरकार को साथ ही साथ सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को और विकल्प उपलब्ध हों।

स्वास्थ विभाग ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक मूत्रत्याग से होने वाले रोगों में कमी आएगी और पर्यावरण स्वच्छ रहेगा। साथ ही, नगर निगम ने अपील की है कि नागरिक स्वयं भी ऐसे कृत्यों से बचें और अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें।

मैसूर की यह पहल देश के अन्य शहरों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है जहां सार्वजनिक मूत्रत्याग की समस्या व्यापक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के व्यवहार को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और सरकारी प्रयास दोनों जरूरी हैं और इस दुर्घटना को नियंत्रण में लाने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे।

अंत में, नगर निगम का यह प्रयास संपूर्ण शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका प्रभाव किस हद तक होगा, इसका अनुमान समय के साथ ही स्पष्ट होगा।

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