सुप्रीम कोर्ट अपनोइया टेस्ट को ब्रेन डेथ के आकलन में अपर्याप्त मानने वाली याचिका की करेगा जांच

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024। सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेन डेथ के आकलन में प्रयोग होने वाले अपनोइया टेस्ट की विश्वसनीयता को लेकर उठी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यूरोलॉजी विभाग, AIIMS, नई दिल्ली के प्रमुख को निर्देश दिया है कि वे इस महत्वपूर्ण मसले पर एक विशेषज्ञ टीम गठित करें। इस टीम को कोर्ट ने दो महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ब्रेन डेथ की पुष्टि के लिए अपनोइया टेस्ट एक अहम कदम है, लेकिन याचिकाकर्ता का यह दावाः है कि यह परीक्षण पूरी तरह से निर्णायक नहीं है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों की राय लेना आवश्यक समझा है ताकि भविष्य में ब्रेन डेथ की जांच और प्रमाणिकता सुनिश्चित की जा सके।
AIIMS के प्रमुख को दिए गए निर्देश के तहत गठित विशेषज्ञ टीम में न्यूरोलॉजी, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और फोरेंसिक मेडिसिन के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल होंगे। कोर्ट ने कहा कि टीम को वैज्ञानिक तथ्यों, उपलब्ध चिकित्सा मानकों और अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।
इस सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “ब्रेन डेथ की पुष्टि मानव जीवन के अंत के निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अनिश्चितता को स्वीकार करना संभव नहीं है।” अदालत ने मेडिकल जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनाए रखने पर जोर दिया।
विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही कोर्ट आगे की प्रक्रिया तय करेगा। health practitioners और कानूनी विशेषज्ञ इस मामले को बेहद संवेदनशील मान रहे हैं क्योंकि ब्रेन डेथ की सटीक पहचान में चूक गंभीर नैतिक और कानूनी विवाद खड़ा कर सकती है।
एआईएमएस ने पहले भी ब्रेन डेथ और उससे जुड़े परीक्षणों के मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस नई पहल से यह क्षेत्र और अधिक सुदृढ़ होगा, जिनसे मरीजों और उनके Angehörियों को सही और भरोसेमंद निर्णय मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अंततः यह दिशा-निर्देश और विशेषज्ञों की रिपोर्ट भारत में ब्रेन डेथ के परीक्षण में नई पहल और स्पष्टता लेकर आएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी और जीवन-मरण से जुड़े मामलों में सही निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। अदालत अब इस मामले में विशेषज्ञों की सिफारिशों का इंतजार करेगी।



