अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी: हर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी टोल के भुगतान पर लग सकती है पाबंदी

वाशिंगटन, 20 अप्रैल 2024: अमेरिकी कार्यालय ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल (OFAC) ने शुक्रवार को एक नई चेतावनी जारी की है, जिसमें शिपिंग कंपनियों को सूचित किया गया है कि यदि वे हर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी टोल का भुगतान करती हैं तो उन पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच इस संवेदनशील जलमार्ग के नियंत्रण को लेकर चले आ रहे तनाव में एक नया मोड़ है।
हर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है, जिसके द्वारा लगभग 20% से अधिक वैश्विक तेल परिवहन होता है। इस जलडमरूमध्य के नियंत्रण पर ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से विवाद जारी है, जहां ईरान इसे अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता का अहम हिस्सा मानता है जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के रूप में स्वतंत्र बनाए रखने के पक्ष में है।
अमेरिकी OFAC की चेतावनी में कहा गया है कि जो भी शिपिंग कंपनियां ईरान को टोल का भुगतान करती हैं, वे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक अपनी पहुंच खो सकती हैं और उनके ऊपर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस कदम से ईरान के आर्थिक मॉडल पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है जो किसी हद तक इस टोल फीस पर निर्भर है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह चेतावनी अमेरिकी प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे ईरान को क्षेत्रीय जलमार्गों पर अपना दबदबा बनाने से रोकना चाहते हैं। इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात और वित्तीय लेनदेन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं।
ईरान ने इस चेतावनी पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा करेगा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता को बनाए रखेगा। ईरानी अधिकारियों ने किसी भी बाहरी दखलअंदाजी को अस्वीकार करते हुए कहा है कि टोल का भुगतान क्षेत्रीय सुरक्षा और रखरखाव के लिए आवश्यक है।
यह विवाद वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हर्मुज जलडमरूमध्य के ब्लॉकेज या संचालन में बाधा विश्व ऊर्जा बाजार में संकट पैदा कर सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस क्षेत्र में तनाव जारी रहने से तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ेगी जिसके प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकते हैं।
अमेरिका की ये नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान और वैश्विक शक्तियां परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने पर वार्ताएं कर रही हैं। इस बीच शिपिंग कंपनियों को इस चेतावनी को गंभीरता से लेना होगा क्योंकि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन उनकी परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता पर विपरीत असर डाल सकता है।
इस पूरे प्रकरण से यह साफ है कि हर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान-अमेरिका के बीच की खींचतान अगले कुछ महीनों में भी वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिरता के लिए चुनौती बनी रहेगी।



