Health

धनी देश 2048 तक गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को समाप्त कर सकते हैं, गरीब देशों में प्रगति धीमी: अध्ययन

नई दिल्ली। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में वैश्विक स्तर पर कमी आने की संभावना है, लेकिन इसके लिए आर्थिक रूप से समृद्ध देशों में ही यह तेजी से संभव हो पाएगा। एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि जिन राज्यों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की घटना अधिक है, वहां सबसे ज्यादा कमी देखने को मिल सकती है, अगर उचित कदम उठाए जाएं।

Advertisements

विशेषज्ञों का कहना है कि जहां अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं, बेहतर जागरूकता और पर्याप्त टीकाकरण कार्यक्रम उपलब्ध हैं, वहां इस बीमारी को लगभग समाप्त किया जा सकता है। वहीं, गरीब और विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, जागरुकता की कमी और टीकाकरण के अभाव के कारण इस बीमारी पर नियंत्रण पाना कठिन बना हुआ है।

अध्ययन के अनुसार, विकसित देशों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खिलाफ नियमित जांच और मानव पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रमों की वजह से इसके मामलों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह टीका वायरस के उन प्रकारों को रोकता है जो गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का मुख्य कारण होते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर उन्मूलन को वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकता बनाया है। इसके लिए 90-70-90 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है: 90% लड़कियों का HPV वैक्सीन से टीकाकरण, 70% महिलाओं की नियमित जांच, और 90% रोगियों का उचित उपचार।

भारत जैसे विकासशील देशों में जहां इस बीमारी की घटनाएं अभी भी उच्च हैं, वहां इन लक्ष्यों को हासिल करना आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत HPV वैक्सीन को मुफ्त या सस्ते में उपलब्ध कराना, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना प्रमुख उपाय हैं।

समय रहते उचित कदम न उठाए गए तो गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की वजह से होने वाली मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है, जो गरीब वर्ग में ज्यादा देखने को मिलेगी। इसलिए विशेषज्ञ इस पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं ताकि सभी वर्गों की महिलाओं तक यह जीवनरक्षा कवच पहुंच सके।

अंततः, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर पर नियंत्रण पाने के लिए कई देशों को एकजुट होकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना होगा और समान रूप से टीकाकरण अभियान चलाने की जरूरत होगी, ताकि 2048 तक इस घातक बीमारी को समाप्त किया जा सके।

Source

Ankur Ramaul

Ankur Ramaul is the Founder of DigiWorld India and the editorial lead at DW24 News, a digital news platform covering national and international stories across politics, business, sports, education, health, and entertainment. He is committed to accurate, unbiased and reader-friendly journalism. For news tips, press releases or collaborations, reach him through the DW24 News Contact page.

Related Articles

Back to top button