हॉर्मुज जलसंधि में नौगामी में 90% से अधिक की गिरावट, पश्चिम एशिया तनाव के बीच रोजाना 10 से भी कम जहाज

यूकेएमटीओ (UK Maritime Trade Operations) ने 1 मार्च से 27 अप्रैल तक पश्चिम एशियाई क्षेत्र में समुद्री जहाजों से जुड़ी हुई 40 से अधिक घटनाओं की सूचना दी है। इन घटनाओं में हमले, जहाजों को नुकसान पहुंचाना, उत्पीड़न और करीब-करीब टकराव जैसी घटनाएं शामिल हैं। ऐसे हालातों ने समुद्री मार्गों पर नौगामी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
हॉर्मुज जलसंधि, जो कि एक महत्वपूर्ण व्यापारिक जल मार्ग है, पर नौगामी में 90% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में इस मार्ग पर प्रतिदिन 10 से भी कम जहाज गुजर रहे हैं। यह कमी पश्चिम एशिया तनावों की बढ़ती गंभीरता के बीच सामने आई है। समुद्री सुरक्षा संबंधी खतरों के कारण व्यापारियों और जहाज ऑपरेटरों ने अपनी नौवहन गतिविधियों को कम कर दिया है।
यूकेएमटीओ की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मार्च-अप्रैल के दौरान कई जहाजों को हमलों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। इन घटनाओं से व्यापारी जहाजों को नुकसान हुआ है, जिससे व्यापार प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर भी प्रश्न चिन्ह उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये घटनाएं जारी रहीं तो हॉर्मुज जलसंधि के माध्यम से ग्लोबल व्यापार व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह जलसंधि यूरोप, भारत, और पूर्वी एशिया के बीच तेल और माल का एक अहम मार्ग है। तनाव और संघर्ष के कारण क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना आवश्यक हो गया है।
सरकारों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से इस स्थिति को नियंत्रित करने तथा समुद्र मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संयुक्त सैन्य तथा कूटनीतिक प्रयास अपेक्षित हैं ताकि नौकायन बाधित न हो और व्यापार निर्बाध रूप से चलता रहे।
अंततः, संकट के इस दौर में वैश्विक समुदाय का ध्यान हॉर्मुज जलसंधि के महत्व और सुरक्षा पर केंद्रित होना चाहिए, ताकि समुद्री व्यापार में स्थिरता बनी रहे और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।



