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अडानी ग्रीन ने वित्तीय वर्ष 2027 में 10 गीगावाट बैटरी स्टोरेज जोड़ने के लिए ₹15,000 करोड़ का निवेश किया

मुंबई, महाराष्ट्र – अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2027 तक अपनी बैटरी स्टोरेज क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार करने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि वह मौजूदा लगभग तीन गीगावाट-घंटे की स्थापित स्टोरेज क्षमता से ऊपर 10 गीगावाट-घंटे अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज जोड़ने के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ का निवेश करेगी। यह निवेश कंपनी की ऊर्जा संग्रहण क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में उसकी अग्रणी स्थिति को मजबूत करेगा।

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अडानी ग्रुप के इस फैसले के पीछे उद्देश्य न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि लोड मैनेजमेंट और पावर सप्लाई की विश्वसनीयता को भी सुधारना है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 में 1.4 गीगावाट-घंटे की बैटरी स्टोरेज इकाई के कमीशनिंग की सूचना दी थी, जो उसकी वर्तमान कुल स्थापित स्टोरेज क्षमता को लगभग तीन गीगावाट-घंटे तक पहुंचाएगी। इस निवेश के बाद, अडानी ग्रीन की कुल ऊर्जा संग्रहण क्षमता वित्तीय वर्ष 2027 तक 13 गीगावाट-घंटे तक पहुंच जाएगी, जो भारतीय ऊर्जा बाजार में एक बड़ा परिवर्तन दर्शाता है।

कंपनी के प्रबंधन ने अपने तिमाही कमाई कॉल के दौरान बताया कि इस अतिरिक्त क्षमता से वे तेज़ी से बढ़ते बिजली मांग के साथ तालमेल बिठा सकेंगे और ऊर्जा के भविष्य के अनिश्चित पहलुओं से निपटने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही, यह कदम भारत में अक्षय ऊर्जा के निर्बाध उपयोग को भी बढ़ावा देगा, जो पर्यावरणीय तथा आर्थिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा संचयन तकनीक में इस तरह के बड़े निवेश से न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि पावर ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। अडानी ग्रीन द्वारा लिए गए इस महत्वाकांक्षी कदम से भारतीय अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोतों पर निर्भरता घटेगी।

कुल मिलाकर, अडानी ग्रीन का यह निवेश न केवल कंपनी के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है, बल्कि यह भारत के समग्र ऊर्जा परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। आने वाले वर्षों में कंपनी की यह पहल अक्षय ऊर्जा के उत्पादन और संग्रहण को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

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