यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026: ईरान-अमेरिका विवाद और बाघ गुफाओं से जुड़े सवालों ने बढ़ाई चुनौती

मेरठ में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई। शहर में पहली बार आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के बाद उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत कठिन बताया और कहा कि इस बार भूगोल विषय से जुड़े प्रश्नों की संख्या कम रही।
सुबह आयोजित सामान्य अध्ययन (जीएस) पेपर में समसामयिक घटनाओं और ऐतिहासिक विषयों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए। हाल के ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े सवाल ने परीक्षार्थियों का ध्यान खींचा। उम्मीदवारों से पूछा गया कि किन देशों से आने वाले जहाजों को हिंद महासागर तक पहुंचने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरना पड़ता है।
इसके अलावा नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 और मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध बाघ गुफाओं में मौजूद हल्लिसालस्य चित्रों से जुड़े प्रश्न भी परीक्षा में शामिल किए गए। प्रश्नपत्र में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे, जिनमें प्रत्येक के लिए चार विकल्प दिए गए थे।
अभ्यर्थियों ने बताया कि कई प्रश्न विश्लेषणात्मक प्रकृति के थे, जिसके कारण सही उत्तर चुनने में सावधानी बरतनी पड़ी। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होने के कारण कुछ उम्मीदवारों ने जोखिम लेने के बजाय कई प्रश्न छोड़ना उचित समझा। गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक काटे जाने का प्रावधान होने से उम्मीदवारों ने संतुलित रणनीति अपनाई।
मेरठ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थियों का कहना था कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछले वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण महसूस हुआ। विशेष रूप से करंट अफेयर्स और कला-संस्कृति से जुड़े प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की तैयारी की गहराई को परखा। वहीं, भूगोल विषय से अपेक्षाकृत कम प्रश्न पूछे जाने की चर्चा भी उम्मीदवारों के बीच रही।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इसमें भाग लेते हैं। ऐसे में इस वर्ष भी समसामयिक घटनाओं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारतीय कला-संस्कृति पर आधारित प्रश्नों ने परीक्षा को रोचक और चुनौतीपूर्ण बना दिया।



